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Fifth Day Of Navaratri 2018 : Fifth Day Of Navratri Devoted To Skand Mata | नवरात्र का पांचवां दिन: पारिवारिक सुख और संतान प्राप्ति के लिए करें इस देवी की पूजा – Vrat Tyohar


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नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है। माता के इस स्वरूप को यह नाम भगवान कार्तिकेय के कारण मिला है। दरअसल, भगवान कार्तिकेय का नाम स्कंद है और मां दुर्गा के इस स्वरूप द्वारा कुमार कार्तिकेय को जन्म देने के कारण ये स्कंदमाता कहलाईं।

जिन दंपति को संतान प्राप्ति में कष्ट हो रहा हो, उन्हें मां के इस स्वरूप की पूजा करनी चाहिए। देव शक्ति का यह स्वरूप संतान प्राप्ति की कामना पूर्ण करनेवाला है। स्कंदमाता की पूजा में कुमार कार्तिकेय का होना जरूरी होता है। अपने इस स्वरूप में मां के दो हाथों में कमल के पुष्प होते हैं और दो हाथों से वह कुमार कार्तिकेय को गोद में लिए रहती हैं।

स्कंद माता की पूजा में धनुष वाण अर्पित करने का विशेष महत्व है। इन्हें सुहाग का सामान जैसे, लाल चुनरी, सिंदूर, नेल पेंट, बिंदी, मेहंदी, लाल चूड़ियां, लिपस्टिक इत्यादि अर्पित करना चाहिए। चावल, लाल फूल और सेब इत्यादि सामग्री लेकर मां को विशेष रूप से अर्पित करनी चाहिए। इनकी पूजा भी देवी दुर्गा के अन्य स्वरूपों की तरह ही होती है। मां के इस स्वरूप का ध्यान मंत्र यह है…

नमामि स्कन्दमाता स्कन्दधारिणीम्।
समग्रतत्वसागररमपारपार गहराम्॥




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